अगर आप म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश की सोच रहे है तो आप का स्वागत है।आईये पहले जानते हैं कि म्यूच्यूअल फण्ड क्या है , कैसे काम करता है।
म्यूच्यूअल फण्ड क्या है ?
म्यूच्यूअल फण्ड क्या है ?
म्यूच्यूअल फण्ड में कम्पनियाँ निवेशकों से पैसे लेती है और इस पैसे को ज्यादा से ज्यादा मुनाफा अर्जित करने के लिए आगे अलग - अलग जगह निवेश किया जाता है। निवेश के साधन म्यूच्यूअल फण्ड के प्रकार पर निर्भर करते है जैसे की इक्विटी वाले कंपनी के शेयर में पैसा लगाते है वहीँ डेब्ट वाले कंपनी के ऋणपत्रों में , निवेश कहाँ होगा यह म्यूच्यूअल फण्ड के दस्तावेज मे पहले से ही दर्शाया जाता है, और यह म्यूच्यूअल फण्ड के प्रकार पर भी निर्भर करता है।
म्यूच्यूअल फण्ड के प्रकार निम्नलिखित हैं :-
म्यूच्यूअल फण्ड के प्रकार निम्नलिखित हैं :-
अब हम अपने विषय की ओर बढ़ते हैं
म्यूच्यूअल फण्ड में इन्वेस्टमेंट। ..... क्या सही है ?
पिछले दिनों Frankline Templeton द्वारा 6 डेब्ट म्यूच्यूअल फण्ड स्कीम को बंद करने की खबरें आ रहीं थी , इससे बहुत से लोगो को झटका लगा। अब इस खबर से निवेशकों पर क्या असर पड़ सकता है इसके बारे में काफी बहस भी हो रही है क्योंकि यह भारत में पहली बार हो रहा है जब कोई म्यूच्यूअल फण्ड इस तरह का निर्णय ले रहा है। इन फंड्स का अस्तित्व तब तक खत्म हो जाएगा, जब तक कि इनकी बिक्री नहीं हो जाती, तब तक ये बंद हो जाएंगे और तब तक इनमे किसी तरह की खरीद नहीं कर सकता ।FRANKLINE TEMPLETON ज्यादा रिटर्न लेने के लिए कम रेटेड बांड्स मे निवेश कर दिया था। वैसे तो इस तरह के बांड्स ज्यादा रिटर्न देते है पर इनपे भी कोविड 19 का बुरा प्रभाव पड़ा है। अब इसमें प्रश्न उठता है कि निवेशकों के पैसे का क्या होगा ?
जैसे कि कंपनी ने इन फण्ड मे रेडेमशन रिक्वेस्ट लेना बंद कर दी है तो अब इसमें निवेशकों के पास अभी भी पोर्टफोलियो में फण्ड की इकाइयां रहेगी और या तो बांड्स के मूल्य ऊपर जाने का इंतज़ार करना होगा या फिर फण्ड में पड़े बांड्स की परिपक्वता का। जिससे कम से कम मूलधन के आने की सम्भावना है।
अब इस घटना क्रम से मन में संशय पैदा होता है कि म्यूच्यूअल फण्ड क्या सचमुच सही है।
निष्कर्ष
उपरोक्त घटनाक्रम बहुत से सवाल दिमाग में उकेरता है कि क्या म्यूच्यूअल फण्ड निवेश के लिए उचित है। अब इससे CriTicS "KUMAR " की राय यही बनती है कि सभी अण्डे एक ही टोकरी में न रखें मतलब की पोर्टफोलिओ इस तरह से बनाएं की अगर एक नुक्सान भी दे तो दूसरी जगह से अच्छे रिटर्न आ जाये। आप अपना निवेश बहुत सोच समझ करें वैसे भी कहते हैं।
" सुनो सबकी करो मन की "
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