कोरोना क्या है ?
लॉकडाउन की जरूरत क्यों पड़ी ?
कोरोना से बचाव
कोरोना की अभी तक दवाई नहीं होने के कारण एहतियात ही इससे बचाव में सहायता कर सकती है , इनमें प्रमुख एहतियात इस प्रकार है :-
कोरोना वायरस RNA वायरस है जो की स्तनधारी जंतुओं व पक्षियों में पाया जाता है और आदमियों में ये श्वसन तंत्र में संक्रमण करता है। कोरोना परिवार में कुछ दादा- पड़दादा भी मौजूद है जैसे कि SARS, MERS और अब नया इनका बच्चा भी आ गया है जिसे अब COVID 19 कहते हैं। इनका परिवार बहुत ही ज्यादा चालाक है और जीवों के हिसाब से बीमारी फैलते हैं जैसे कि मुर्गियों मे ऊपरी श्वशन पथ की बीमारी जबकि गायों और सूअर में दस्त और तो और आदमियों में श्वसन संक्रमण करता है। अभी तक इसकी रोकथाम को लेकर कोई भी दवा नहीं है।
जनता कर्फ्यू क्यों और कब ?
कोरोना वायरस से 2019 के अंत में चीन से शुरुआत हुई और फिर WHO ने इसे महामारी घोषित करने में देर कर दी और तब तक तो इसने इटली को पूरी तरह दबोच लिया था अब यह भारत को भी डरा रहा था भारत के भी शेयर बाजार इस बात की ओर इशारा कर रहे थे ,फिर भी भारत देश अपनी जिंदगी की भागदौड़ में व्यस्त था और क्यों न होता ? भारत एक विकाशसील देश है और लोग भी इतने जागरूक नहीं है। भारत में पहला केस जनवरी 2020 के अंत में आ चूका था फिर भी देश पूरी तरह से सभी कार्यकलापों के लिए खुला रहा , फिर भी सरकार ने कम से कम सक्रियता के नाम पर मोबाइल नंबर पर कोरोना के बचाव वाली रिंगटोन लगा दी थी पर हो भी सकता है सरकार बैक ऑफिस बहुत कार्य कर रही होगी लोगो को तो नहीं पता। बैक ऑफिस कुछ कार्य होता भी तो बाद में पि. पि. इ. किट की कमी की खबरे न आती। कोरोना केस शुरू में धीरे धीरे बढ़े बाद में रफ़्तार तेज़ हो गई। आखिर जब कोई दूसरा उपाय सरकार के पास नहीं बचा तो जनता कर्फ्यू रविवार के दिन लगा दिया गया , वैसे भी उस दिन किसी के पास कुछ भी नहीं था ज्यादा करने को तो सभी ने ख़ुशी ख़ुशी सरकार का साथ दिया और शाम के समय थाली, ताली , शंख व घण्टिया बजा दी। इसमें भी कुछ लोगो ने तो जुलुस ही निकाल दिए , यह सब शायद अति आत्मविश्वास के कारण हो गया अब इसे आत्मविश्वास कहें या अन्धविश्वास , उन्हें लगता होगा कि जलूस में नारे लगाने से कोरोना भाग जायेगा या फिर कोरोना के स्वागत करने को जलूस निकाला गया होगा।
लॉकडाउन की जरूरत क्यों पड़ी ?
कोरोना की बीमारी का कोई इलाज़ नहीं है और इस बीमारी से एहतियात में ही बचा जा सकता है और जब सरकार ने देखा की लोग कोरोना को समझ नहीं पाये है खासकर पढ़े लिखे लोग भी जनता कर्फ्यु में जुलूस निकालने लग गए थे उनको सोशल डिस्टन्सिंग का महत्व ही समझ नहीं आ रहा था तो मोदी जी को मजबूरन फिर से लोगों के सामने आकर लॉकडाउन की घोषणा करनी पड़ी फिर भी देशव्यापी घोषणा से पहले ही बहुत सी राज्य सरकारों ने अपने अपने राज्यों में कर्फ्यु लगाने की घोषणा कर चुकी थी। हिमाचल सरकार भी इनमें से 1 थी।
लॉकडाउन भी कोविड - 19 की बीमारी को काबु करने में असफल रहा और इसमें भी लोगों की मूर्खता ही प्रमुख कारण रही जैसे कुछ लोग दूसरी जगहों से बिना किसी की जानकारी के आ गए और इसमे इनकी मदद करने को हमारे ड्राइवरों ने की और तो और कुछ लोग तो पैदल ही कई सैकड़ो किलोमीटर के सफर करके आ गए इसी कारण अब लॉकडाउन 2.O और लॉकडाउन 3.0 तक ये प्यारा भारत देश पहुंच गया है।
कोरोना की अभी तक दवाई नहीं होने के कारण एहतियात ही इससे बचाव में सहायता कर सकती है , इनमें प्रमुख एहतियात इस प्रकार है :-
- अपने हाथों को अक्सर साफ करें। साबुन और पानी का उपयोग करें, या शराब आधारित सेनिटाईजर का उपयोग करें।
- खांसी या छींकने वाले किसी से भी सुरक्षित दूरी बनाए रखें।
- अपनी आंखों, नाक या मुंह को न छुएं।
- खांसने या छींकने पर अपनी नाक और मुंह को अपनी मुड़ी हुई कोहनी या एक ऊतक से ढक लें।
- यदि आप अस्वस्थ महसूस करते हैं तो घर पर रहें।
- यदि आपको बुखार, खांसी और सांस लेने में कठिनाई होती है, तो चिकित्सा पर ध्यान दें। और डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें।
- अपने स्थानीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के निर्देशों का पालन करें।
- आरोग्य सेतु एप्प अपने मोबाइल फ़ोन में इनस्टॉल करें।
- शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में काम करें इसके लिए भारत के आयुष मंत्रालय के निर्देशों का पालन कर सकते है।
* सभी कोरोना सेनानियों का जैसे की डॉक्टर्स,नर्सेज ,पुलिस , बिजली -पानी कर्मी और सभी लोगों को नमन जो इस बीमारी में सबकी मदद कर रहे है।
ध्यान से पढ़ने के लिए # धन्यवाद ,
कृपया COMMENT में अवश्य इस लेख में और सुधार हेतु लिखें।
आपका बहुत बहुत स्वागत व आभार।



कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें